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संत कबीर हिन्दु मुस्लिम एकता का प्रतीक थे: शमीम अहमद


not image संत कबीर जो आज भी भारतीय लोगों के बीच अपनी अद्वितीय जगह बनाए हुए है। आज भी लोग उनके दोहो में प्रकट की गइ भाइचारे की मिसाले देते है। संत कबीर की 620वीं जयंती के अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा संघ ने अपने राष्ट्रीय मुख्यालय में एक सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम में संत कबीर के जीवनी पर चर्चा की गई, और उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने की सीख दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित उक्त संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अंतर्राष्ट्रीय कन्वेनर श्री शमीम अहमद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संत कबीर सिर्फ एक संत ही नहीं बल्कि एक विचारक और समाज सुधारक थे। संत कबीर हिन्दु मुस्लिम के लिए एक समान भाव व्यक्त करने वाले संत थे। श्री अहमद ने कहा कि हिन्दु मुस्लिम एकता का प्रतीक थे संत कबीर, उन्होंने कभी भी हिन्दु मुस्लिम को दो अलग-अलग नज़रिए से नहीं देखा। देश की मौजुदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री अहमद ने कहा कि आज मुल्क देशभक्ति के नाम पर जो हिन्दु मुस्लिम की राजनीति करते है उन लोगों को संत कबीर की समाधि पर जाकर देखना चाहिए कि किस तरह मुस्लमान कबीर की समाधि पर चादर चढ़ाते है तो हिन्दु उनकी समाधि की पुजा करते है। उन्होंने आगे कहा कि एक दीवार के एक तरफ जहां लोग सजदे में अपने सर झुकाते है तो दुसरी तरफ आरती की जाती है। इससे बड़ी हिन्दु मुस्लिम एकता की मिसाल और कहां मिलेगी। मुझे खुशी है कि माननीय प्रधानमंत्री कबीर के जयंती पर कबीर के निवास स्थान गए है, और मुझे उम्मीद है कि हमारे प्रधानमंत्री लोगों को आपस में भाईचारा बनाए रखने का संदेश देगें साथ ही आए दिन बीफ पर हो रही राजनीति, इसकी गलत अफवाह फैलाने वालो पर, जो लोग दंगा भड़काने, लोगों को गुमराह करने के लिए हिन्दु मुस्लिम बैंक का इस्तेमाल करते है उनपर शिकंजा कस कारवाई करेगें। आगे श्री अहमद ने कहा कि बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय जो मन खोजा आपना, तो मुझसे बुरा न कोय जिस तरह से संत कबीर ने इस दोहे में कहा है कि जब मैं पूरी दुनिया में खराब और बुरे लोगों को देखने निकला तो मुझे कोई बुरा नहीं मिला और जो मैंने खुद के भीतर खोजने की कोशिश की तो मुझसे बुरा कोई नहीं मिला। ठीक इसी तरह लोगों को अपने अंदर झांककर देखने की जरुरत है। लोगों को अपने मन से भेदभाव को मिटाने की जरुरत है। अंत में उन्होंने कहा कि देशभक्ति मरने या मारने का काम नहीं बल्कि एकता, और हिन्दु मुस्लिम को आपस में जोड़ने का काम है।